


रुड़की: इंपीरियल एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित Swami Vivekanand College of Education में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर स्थानीय लोगों ने उपजिलाधिकारी रुड़की को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज को अनुदान सूची से बाहर किए जाने की भी मांग उठाई।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट Deepak Ramchandra Shet को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कॉलेज प्रबंधन अनुदान नियमों की अनदेखी कर कार्य कर रहा है और ट्रस्ट के भीतर भी विवाद की स्थिति बनी हुई है। शिकायतकर्ताओं ने भूमि लीज से जुड़े मामले में भी अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि लीज डीड में कथित बदलाव कर निजी लाभ पहुंचाया गया।

ज्ञापन में दावा किया गया कि वर्ष 2019 में लीज राशि में भारी वृद्धि की गई, जिससे आर्थिक अनियमितता की आशंका गहराई है। साथ ही कॉलेज पर पूर्व में छात्रवृत्ति घोटाले में शामिल होने का आरोप भी लगाया गया, जिसमें न्यायालय में चार्जशीट दाखिल होने की बात कही गई।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय के निर्धारित मानकों से अधिक प्रवेश लेकर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया। वहीं भर्तियों में पारदर्शिता न बरतने और पैसे लेकर नियुक्तियां करने के गंभीर आरोप भी लगाए गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कई लोगों से करोड़ों रुपये लिए गए, लेकिन गंगनहर कोतवाली में नामजद तहरीर देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही नगर निगम रुड़की के समक्ष शांतिपूर्ण धरना देने की अनुमति भी मांगी गई है।
ज्ञापन सौंपने वालों में रोमी अग्रवाल, अमित कुमार, दीपक, गितेंद्र सैनी, जयप्रकाश शर्मा, राजेंद्र, बिन्नी, राजेश कुमार और दीपक सैनी सहित कई लोग मौजूद रहे।
