गंगोत्री नेशनल पार्क में पहली बार कैमरे में कैद हुआ दुर्लभ हिमालयन वीजल

गंगोत्री नेशनल पार्क के तहत वन अनुसंधान रेंज की टीम को बड़ी सफलता मिली है। समुद्र तल से करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर पहली बार दुर्लभ हिमालयन वीजल की तस्वीरें ट्रैप कैमरे में कैद की गई हैं। यह इस प्रजाति के सजीव व्यवहार का पहला स्पष्ट दृश्य प्रमाण माना जा रहा है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, हिमालयन वीजल पर चल रहे अध्ययन के दौरान इसके गंगोत्री नेशनल पार्क के अलावा माणा और बदरीनाथ क्षेत्र की पहाड़ियों में मौजूदगी के संकेत पहले ही मिल चुके थे। अब पहली बार इसकी गतिविधियां कैमरे में रिकॉर्ड की गई हैं।

वन अनुसंधान रेंज उत्तरकाशी के वन दरोगा सुमित बेलवाल ने बताया कि वन वर्धनिक विवेक तिवारी के निर्देश पर रेंज अधिकारी अमित कुमार की देखरेख में 7 मार्च को पार्क क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों की स्थापना, निगरानी और दस्तावेजीकरण का कार्य रिसर्च एसोसिएट रितु बुधोड़ी और टीम द्वारा किया गया।

हाल ही में कैमरों की जांच के दौरान 29 मार्च की रिकॉर्डिंग में इस दुर्लभ जीव की गतिविधियां कैद पाई गईं। रिसर्च एसोसिएट रितु बुधोड़ी ने बताया कि हिमालयन वीजल एक छोटा मांसाहारी स्तनधारी जीव है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में Mustela sibirica कहा जाता है। यह सामान्यतः 2500 से 4000 मीटर की ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है।

उन्होंने बताया कि यह अत्यंत चपल, गुप्त और दुर्लभ स्वभाव का जीव है, जो छोटे शिकारों की संख्या नियंत्रित कर पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।