


नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। भीषण गर्मी का असर केवल लोगों के स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के प्रदर्शन पर भी पड़ रहा है। कई ईवी मालिकों की शिकायत है कि गर्मियों में उनकी गाड़ी की रेंज कम हो जाती है, चार्जिंग की गति धीमी पड़ जाती है और बैटरी अधिक गर्म होने लगती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां एक निश्चित तापमान सीमा में सबसे बेहतर काम करती हैं। जब बाहरी तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो बैटरी के अंदर भी गर्मी बढ़ने लगती है। ऐसी स्थिति में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) बैटरी को सुरक्षित रखने के लिए कूलिंग सिस्टम को सक्रिय कर देता है।

बैटरी को ठंडा रखने की इस प्रक्रिया में अतिरिक्त ऊर्जा खर्च होती है। यही कारण है कि वाहन की उपलब्ध ऊर्जा का एक हिस्सा बैटरी के तापमान को नियंत्रित करने में उपयोग हो जाता है, जिससे ड्राइविंग रेंज में कमी आ सकती है। इसके अलावा अत्यधिक गर्मी बैटरी की कार्यक्षमता और चार्जिंग गति को भी प्रभावित करती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि वाहन को छायादार स्थान पर पार्क करें, तेज धूप में लंबे समय तक खड़ा न रखें और निर्माता के निर्देशों के अनुसार चार्जिंग करें। इन सावधानियों से गर्मी के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है और बैटरी की उम्र भी बढ़ाई जा सकती है।
