


देहरादून में स्कॉर्पियो कार से बरामद किए गए 1.55 करोड़ रुपये के मामले में अब तक रकम के वास्तविक स्रोत का पता नहीं चल पाया है। मामले की जांच कर रहे आयकर विभाग ने कैश के साथ पकड़े गए तीन व्यक्तियों के बयानों के आधार पर गुजरात निवासी एक व्यक्ति जगदीश भाई को नोटिस जारी किया है।
पूछताछ के दौरान कार चालक सतीश भाई और उसके दो साथियों ने दावा किया कि बरामद रकम जगदीश भाई की है। इसके बाद आयकर विभाग ने संबंधित व्यक्ति को नोटिस भेजकर 24 मई तक रकम का स्रोत स्पष्ट करने को कहा है।

सूत्रों के अनुसार यदि तय समय सीमा तक रकम का वैध स्रोत नहीं बताया जाता है तो पूरी राशि राजकोष में जमा करा दी जाएगी। साथ ही अघोषित आय का मामला दर्ज करते हुए 60 प्रतिशत टैक्स और 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया जा सकता है।
आयकर विभाग ने कैश के साथ पकड़े गए तीनों व्यक्तियों के पैन कार्ड और आयकर रिटर्न की भी जांच की है। प्रारंभिक जांच में उनके आयकर रिटर्न सामान्य पाए गए हैं। अब विभाग कथित मालिक जगदीश भाई के पैन और आयकर विवरण की भी जांच कर रहा है ताकि आगे की कार्रवाई तय की जा सके।
मामले में हवाला नेटवर्क की आशंका भी जताई जा रही है। तीन दिन बीत जाने के बावजूद रकम के स्रोत पर रहस्य बरकरार रहने से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी सक्रिय हो गया है। सूत्रों के मुताबिक ईडी अधिकारी पूरे प्रकरण की जानकारी जुटा रहे हैं।
यदि जांच में रकम का संबंध अवैध लेनदेन या हवाला कारोबार से पाया जाता है तो विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) और मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में इस मामले से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी भी संभव मानी जा रही है।
