वर्षवार भर्ती की मांग पर उग्र हुए नर्सिंग बेरोजगार, पानी की टंकी पर चढ़े आंदोलनकारी

Dehradun: वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर नर्सिंग एकता मंच का आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया। परेड ग्राउंड के समीप स्थित पानी की टंकी पर चढ़े आंदोलनकारी पूरी रात डटे रहे और शासनादेश जारी होने तक नीचे उतरने से साफ इनकार कर दिया।

नर्सिंग बेरोजगार पिछले पांच महीनों से आईपीएचएस मानकों के अनुरूप वर्षवार भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं। वहीं 23 दिनों से कई आंदोलनकारी आमरण अनशन पर बैठे हैं, जिनमें से कई की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

सोमवार सुबह करीब पांच बजे आंदोलनकारी धरना स्थल से निकलकर परेड ग्राउंड पहुंचे और पुलिस के पहुंचने से पहले ही विनोद, धर्मेंद्र, कविता और आनंद पानी की टंकी पर चढ़ गए। कांग्रेस महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला भी उनके साथ टंकी पर चढ़ीं। आंदोलनकारियों ने टंकी पर बैनर लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के साथ दिनभर चली वार्ता भी बेनतीजा रही। मंत्री ने फाइल अगली कैबिनेट में रखने का आश्वासन दिया, लेकिन आंदोलनकारी शासनादेश जारी करने की मांग पर अड़े रहे।

धरना स्थल पर कांग्रेस नेताओं और स्वाभिमान मोर्चा के संयोजक बॉबी पंवार ने भी पहुंचकर समर्थन दिया। देर शाम कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत, विधायक प्रीतम सिंह और अन्य नेताओं ने भी आंदोलनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।

सूचना मिलने पर कि आंदोलनकारी मुख्यमंत्री आवास कूच कर सकते हैं, पुलिस ने भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया था। हालांकि आंदोलनकारी सीधे पानी की टंकी पर चढ़ गए।

देर रात पुलिस ने उन्हें नीचे उतारने की कोशिश की तो आंदोलनकारियों ने कूदने और आत्मदाह की चेतावनी दे दी, जिसके बाद पुलिस को पीछे हटना पड़ा। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर शासनादेश जारी नहीं होता, आंदोलन और उग्र किया जाएगा।