

नई दिल्ली:
आईवियर रिटेल कंपनी लेंसकार्ट को सोशल मीडिया पर भारी विरोध का सामना करने के बाद आखिरकार सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी। शनिवार (18 अप्रैल 2026) को कंपनी ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए नया और अधिक पारदर्शी ‘इन-स्टोर स्टाइल गाइड’ पेश किया।

यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर एक कथित पुराना ‘ग्रूमिंग डॉक्यूमेंट’ वायरल हो गया। बताया जा रहा है कि यह दस्तावेज़ फरवरी 2026 का था, जिसमें स्टोर कर्मचारियों के लिए कुछ धार्मिक प्रतीकों को लेकर प्रतिबंधों का उल्लेख किया गया था। वायरल दस्तावेज़ में दावा किया गया था कि कर्मचारियों को ‘बिंदी’, ‘तिलक’ और ‘कलावा’ पहनने की अनुमति नहीं थी, जबकि ‘हिजाब’ और ‘पगड़ी’ पहनने की छूट दी गई थी।

इस कथित “दोहरे मापदंड” को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों में आक्रोश फैल गया और #BoycottLenskart ट्रेंड करने लगा। कई यूजर्स ने कंपनी पर धार्मिक भेदभाव के आरोप लगाए।
विवाद बढ़ने के बाद लेंसकार्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी सफाई पेश करते हुए कहा, “अगर हमारे कार्यस्थल संचार के किसी भी संस्करण से किसी को ठेस पहुंची है या हमारे किसी टीम सदस्य को लगा कि उनका विश्वास यहाँ स्वागत योग्य नहीं है, तो हम गहराई से माफी मांगते हैं।”
कंपनी ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि लेंसकार्ट “भारत में, भारतीयों द्वारा और भारतीयों के लिए” बनाया गया है और वह सभी कर्मचारियों के विश्वास और पहचान का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
नए जारी किए गए ‘इन-स्टोर स्टाइल गाइड’ में पारदर्शिता और समावेशिता पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के भेदभाव के आरोपों से बचा जा सके।

