

देहरादून। दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। शहर को जाम से बचाने के लिए जल्द ही एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों की गिनती शुरू की जाएगी, जिसमें टोल बैरियर के डाटा को भी शामिल किया जाएगा।

यातायात पुलिस सामान्य दिनों और वीकेंड पर आने वाले वाहनों की संख्या का विश्लेषण करेगी। इसके आधार पर देहरादून शहर के लिए एक विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य में जाम की स्थिति से बचा जा सके।

इसके लिए एक विशेष डाटा विश्लेषण टीम का गठन किया जा रहा है, जो एक्सप्रेसवे के एंट्री प्वाइंट पर हर घंटे वाहनों की गिनती करेगी। टीम दिन और रात दोनों समय के साथ-साथ पीक आवर के डाटा को भी रिकॉर्ड करेगी।
यह टीम संबंधित कंट्रोल रूम और डायवर्जन प्वाइंट पर तैनात अधिकारियों को रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराएगी, जिससे समय रहते ट्रैफिक का दबाव कम करने के उपाय किए जा सकें।
एसपी ट्रैफिक लोकजीत सिंह के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर एक सप्ताह तक डाटा इकट्ठा किया जाएगा और टोल बैरियर के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। इसके बाद हर सप्ताह नए ट्रैफिक प्लान तैयार किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि भारी और हल्के वाहनों का अलग-अलग डाटा भी संकलित किया जाएगा, जिसके आधार पर शहर में भारी वाहनों के प्रवेश समय में बदलाव किया जा सकता है।
इसके अलावा, एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों की निगरानी ड्रोन के माध्यम से भी की जाएगी। ड्रोन से मिलने वाले लाइव फीड को कंट्रोल रूम तक पहुंचाया जाएगा, जिससे तुरंत ट्रैफिक मैनेजमेंट के निर्णय लिए जा सकें।
इस योजना के तहत ट्रैफिक रूट, पार्किंग और डायवर्जन की जानकारी सोशल मीडिया, एफएम रेडियो और एलईडी सूचना बोर्ड के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाई जाएगी।

