₹45 करोड़ धोखाधड़ी मामला: भगोड़े बिल्डर की पत्नी यूएई में गिरफ्तार, जल्द होगा प्रत्यर्पण

देहरादून, संवाददाता:
लग्जरी आवासीय परियोजनाओं में फ्लैट बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप में फरार चल रहे बिल्डर दीपक मित्तल की पत्नी राखी मित्तल को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में गिरफ्तार कर लिया गया है। करीब पांच साल की तलाश के बाद जांच एजेंसियों को यह बड़ी सफलता मिली है। अब प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी कर उन्हें जल्द भारत लाया जाएगा।

आरोप है कि मित्तल दंपती ने निवेशकों से करीब 45 करोड़ रुपये की ठगी की। दीपक मित्तल पुष्पांजलि रियलम्स एंड इंफ्राटेक नाम से फर्म संचालित करता था, जिसके तहत शहर में दो लग्जरी आवासीय परियोजनाएं विकसित की जा रही थीं। इन परियोजनाओं में एक-एक फ्लैट की कीमत एक से डेढ़ करोड़ रुपये तय की गई थी। निवेशकों से धन जुटाने के बाद निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर दंपती फरार हो गए।

इस मामले में वर्ष 2020 में डालनवाला थाना में पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद कई पीड़ितों की शिकायतों पर राजपुर थाना और डालनवाला थाने में कुल 10 मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट के आरोप शामिल हैं।

जांच के दौरान सामने आया कि दीपक मित्तल, राखी मित्तल और उनका बेटा रुद्राक्ष मित्तल यूएई के डिस्कवरी गार्डन इलाके में रह रहे थे, जबकि परिवार की एक अन्य सदस्य दिव्या मित्तल नीदरलैंड के मास्ट्रिक्ट शहर के स्टेटेनसिंगेल क्षेत्र में रह रही है।

पुलिस ने दंपती के खिलाफ पहले लुकआउट सर्कुलर (LOC) और बाद में रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया था। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। हाल ही में सक्रिय मोबाइल नंबरों के आधार पर उनकी लोकेशन की पुष्टि हुई, जिसके बाद यूएई में कार्रवाई करते हुए राखी मित्तल को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रत्यर्पण की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद राखी मित्तल को देहरादून लाया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।