

Roorkee: पिछले करीब चार सप्ताह से सिविल अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) की भारी कमी बनी हुई है, जिससे मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन लगभग 30 से 35 नए मरीज कुत्ते के काटने के बाद इंजेक्शन लगवाने अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन स्टॉक खत्म होने के कारण उन्हें बिना टीकाकरण के ही लौटना पड़ रहा है।

इस स्थिति का सबसे अधिक प्रभाव आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर पड़ रहा है, जो निजी मेडिकल स्टोर से महंगे दामों पर इंजेक्शन खरीदने में असमर्थ हैं। सोमवार को कुत्ते के काटने के बाद अस्पताल पहुंचे मनोज को भी इंजेक्शन नहीं मिल सका, जिसके चलते उन्हें 380 रुपये खर्च कर निजी मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन खरीदकर बाहर ही लगवाना पड़ा।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, एआरवी की आपूर्ति में देरी का कारण सैंपलिंग रिपोर्ट का लंबित होना है। फार्मेसी अधिकारी रवि धामा ने बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और वैकल्पिक व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं।
वहीं, एक अन्य विवाद सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने बाहर से खरीदे गए इंजेक्शन लगाने की सुविधा भी बंद कर दी है। सीएमएस डॉ. एके मिश्रा के अनुसार, शिकायत मिली थी कि कुछ इंटर्न मरीजों की डोज बचाकर अन्य मरीजों को बेच रहे थे। इस शिकायत के आधार पर यह निर्णय लिया गया।
अब मरीजों को इंजेक्शन के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

