


देहरादून। प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से मौसम के ठंडे मिजाज और लगातार हो रही बारिश ने उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) को बड़ी राहत दी है। बिजली की मांग, जो पिछले दिनों लगातार बढ़ रही थी, अब घटकर करीब 4.4 करोड़ यूनिट प्रतिदिन पर पहुंच गई है।
अप्रैल के अंतिम दिनों में यूपीसीएल के सामने बिजली आपूर्ति बड़ी चुनौती बन गई थी। उस समय प्रदेश में बिजली की मांग 5.5 करोड़ यूनिट से अधिक पहुंच गई थी, जबकि उपलब्धता मात्र 2.6 करोड़ यूनिट के आसपास थी। कमी को पूरा करने के लिए निगम को रोजाना करीब डेढ़ करोड़ यूनिट बिजली बाजार से खरीदनी पड़ रही थी। इसके बावजूद मांग पूरी नहीं होने पर दो से तीन घंटे तक बिजली कटौती करनी पड़ी थी। वहीं स्टील इंडस्ट्री में कटौती आठ घंटे तक की गई थी।

मई की शुरुआत के साथ मौसम में बदलाव आया। लगातार बारिश और तापमान में गिरावट के कारण बिजली की खपत में भारी कमी दर्ज की गई। बुधवार को प्रदेश में कुल बिजली मांग 4.4 करोड़ यूनिट रही। इसके मुकाबले राज्य पूल से 1.2 करोड़ और केंद्रीय पूल से 1.9 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध हुई। इस तरह कुल 3.1 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध होने के बाद शेष मांग बाजार और पावर बैंकिंग के जरिए पूरी की गई।
यूपीसीएल अधिकारियों के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और कहीं भी घोषित बिजली कटौती नहीं की गई है। हालांकि विभाग का मानना है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी और जून में बिजली की मांग अपने चरम पर पहुंचेगी, चुनौतियां फिर सामने आ सकती हैं।
प्रदेश में सामान्य तौर पर जून महीने में बिजली की मांग छह करोड़ यूनिट तक पहुंच जाती है। इसे देखते हुए यूपीसीएल अभी से अतिरिक्त बिजली व्यवस्था और आपूर्ति प्रबंधन की तैयारी में जुट गया है।
