


देहरादून। बहुचर्चित विक्रम शर्मा हत्याकांड में दून पुलिस और एसटीएफ उत्तराखंड को बड़ी सफलता मिली है। करीब तीन महीने से फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी आरोपी यशराज सिंह को संयुक्त टीम ने सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी घटना के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए पश्चिम बंगाल में छिपा हुआ था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
13 फरवरी को राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी के बाहर जिम से निकलते समय झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद डालनवाला कोतवाली में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश झारखंड से आए युवकों ने रची थी।

मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि छह आरोपी अब तक फरार चल रहे थे। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी और कुर्की वारंट जारी कर प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने सहारनपुर में दबिश देकर यशराज सिंह को रेलवे रोड स्थित होटल सूर्यलोक के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए।
यशराज ने बताया कि वह टाटानगर रेलवे स्टेशन पर दुकानों में नमकीन, चिप्स और अन्य खाद्य सामग्री की सप्लाई करता था। उसके साथी विशाल सिंह ने विक्रम शर्मा की हत्या की योजना बनाई थी, जिसमें आकाश प्रसाद, अंकित वर्मा, जितेंद्र साहू और मोहित उर्फ अक्षय ठाकुर को शामिल किया गया।
आरोपियों ने इससे पहले दिल्ली और नोएडा में भी विक्रम शर्मा की हत्या का प्रयास किया था, लेकिन भीड़भाड़ के कारण वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद देहरादून में हत्या की साजिश रची गई। आरोपी अंकित वर्मा को कई बार देहरादून भेजकर विक्रम शर्मा की रेकी कराई गई। जांच में पता चला कि विक्रम शर्मा रोज सुबह अकेले जिम जाता था, जिसके बाद जिम के बाहर हत्या की योजना को अंजाम दिया गया।
यशराज ने यह भी स्वीकार किया कि घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो उसके पिता की थी। उसने ही आरोपी आकाश प्रसाद को फ्लाइट टिकट और अन्य खर्चों के लिए यूपीआई के माध्यम से पैसे भेजे थे। हरिद्वार में होटल और किराये की स्कूटी का भुगतान भी उसी के जरिए किया गया था।
हत्या के बाद यशराज अपने पिता और अन्य साथियों के साथ फरार हो गया था। उसका पिता राजकुमार सिंह पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार यशराज पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में अपनी बुआ के घर छिपा हुआ था। हाल ही में वह अपने पिता के वकील से मिलने हरिद्वार आया था और कानूनी सलाह लेने सहारनपुर पहुंचा, जहां पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पुलिस अब मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
