रुड़की में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास, 60 हजार रुपये जुर्माना

रुड़की में करीब साढ़े चार वर्ष पुराने एक नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (एफटीएससी) ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीएससी रमेश सिंह की अदालत ने आरोपी पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मंगलौर थाना क्षेत्र के एक निवासी ने 14 दिसंबर 2021 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उनकी 14 वर्षीय बेटी सुबह स्कूल जाते समय लापता हो गई थी। आरोप था कि गांव का एक युवक उसे बहला-फुसलाकर मोटरसाइकिल पर ले गया और हरिद्वार रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में उसके साथ दुष्कर्म किया, जिसके बाद आरोपी छात्रा को मंगलौर क्षेत्र में छोड़कर फरार हो गया था।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक विवेक कुश ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोप पूरी तरह सिद्ध किए, जिसके बाद न्यायालय ने आरोपी को अपहरण, बहला-फुसलाकर ले जाने तथा पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और सभी सजाएं साथ-साथ चलने के निर्देश दिए। साथ ही, 60 हजार रुपये के अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को देने तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से अतिरिक्त 50 हजार रुपये प्रतिकर के रूप में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।