

रुड़की। स्मार्ट मीटर के विरोध को लेकर पार्षदों पर पैसे लेने का आरोप लगाने के बाद शुरू हुआ विवाद अब और गहरा गया है। पार्षदों के विरोध के बीच कांग्रेस महानगर अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह ने मंगलवार को पलटवार करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर खुली चुनौती दी।
सिविल लाइंस स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में चौधरी राजेंद्र सिंह ने कहा कि मामला केवल स्मार्ट मीटर तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता से जुड़े कई मुद्दों पर पार्षदों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। उन्होंने दावा किया कि बोर्ड बैठक से पहले एक पार्षद ने ही अन्य पार्षदों पर 11-11 हजार रुपये के लिफाफे लेने का आरोप लगाया था। ऐसे में पार्षदों को जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुछ पार्षदों को छोड़कर अधिकांश जनप्रतिनिधियों ने स्मार्ट मीटर का खुलकर विरोध नहीं किया। साथ ही सवाल उठाया कि जब कांग्रेस कार्यकर्ता यूजर चार्ज के विरोध में नगर आयुक्त से मिले थे, तब उन्हें बताया गया कि यह प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पारित किया गया था। ऐसे में पार्षद बताएं कि उन्होंने यूजर चार्ज का समर्थन क्यों किया।
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने पार्षदों से स्पष्ट करने की मांग की कि वे यूजर चार्ज के पक्ष में हैं या विरोध में। उन्होंने आरोप लगाया कि जनविरोधी फैसलों पर सहमति देने के पीछे आखिर क्या कारण है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्षद जनता के बीच जाकर शपथ लें कि वे विकास कार्यों में किसी प्रकार का कमीशन नहीं लेते हैं।
चौधरी राजेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज उठाती रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने पार्षदों से व्यक्तिगत विवादों से ऊपर उठकर जनहित के मुद्दों और अपने वार्डों के विकास पर ध्यान देने की अपील की।
पत्रकार वार्ता में लवी त्यागी, सरदार कुलविंदर सिंह, संजय तोमर सहित कांग्रेस के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
