‎खेल महाकुंभ में खिलाड़ियों को नहीं मिली सुविधाएं, बदहाल मैदान पर उठे सवाल

(फरमान अंसारी)‎ रुड़की के नारसन ब्लॉक में आयोजित खेल महाकुंभ की व्यवस्थाओं को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। मंगलौर के नेहरू राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में आयोजित प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने खेल मैदान की बदहाल स्थिति को लेकर नाराजगी जताई है। खिलाड़ियों का आरोप है कि जिस मैदान पर प्रतियोगिताएं कराई जा रही हैं, वह दौड़ लगाने के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। मैदान में जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं और घास की भी ठीक से सफाई नहीं कराई गई है। खिलाड़ियों ने हादसे की आशंका जताते हुए मैदान को प्रतियोगिता से पहले दुरुस्त कराने की मांग की है। वहीं, व्यवस्थाओं को लेकर झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती ने भी नाराजगी जाहिर की।
‎दरअसल, वर्ष 2026-27 के खेल महाकुंभ के तहत झबरेड़ा क्षेत्र में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। मंगलौर के नेहरू राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल के तत्वावधान में नारसन ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम में नारसन ब्लॉक प्रमुख और झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने शिरकत की। लेकिन प्रतियोगिता के दौरान खेल मैदान की व्यवस्थाओं को लेकर खिलाड़ियों ने सवाल खड़े कर दिए। खिलाड़ियों का कहना है कि जिस मैदान पर उन्हें दौड़ और अन्य खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करना पड़ रहा है, वह पूरी तरह से तैयार नहीं है। मैदान में जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं, जबकि कई हिस्सों में घास उगी हुई है। खिलाड़ियों का आरोप है कि मैदान की ठीक तरह से सफाई भी नहीं कराई गई। खास बात यह है कि मैदान के बीच में खड़ंजा होने की वजह से दौड़ने वाले खिलाड़ियों के सामने चोटिल होने का खतरा बना हुआ है। खिलाड़ियों का कहना है कि खेल प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए उन्हें सुरक्षित और समतल मैदान मिलना जरूरी है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है।मैदान की अव्यवस्थाओं को लेकर कार्यक्रम में मौजूद झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती ने भी नाराजगी जाहिर की और संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं को लेकर सवाल किए। वहीं, आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल के बीओ पीआरडी विक्रांत राठी से जब मैदान की स्थिति और खिलाड़ियों को मिल रही सुविधाओं को लेकर सवाल किया गया तो वह इन व्यवस्थाओं को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।खिलाड़ियों का कहना है कि खेल महाकुंभ जैसे आयोजनों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को बेहतर मंच देना है। ऐसे में खिलाड़ियों को सुरक्षित मैदान और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी आयोजन की जिम्मेदारी का अहम हिस्सा होना चाहिए।अब देखने वाली बात होगी कि खिलाड़ियों की शिकायतों के बाद संबंधित विभाग मैदान की व्यवस्थाओं में कितना सुधार करता है और प्रतियोगिताओं के लिए मैदान को सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।