


रुड़की:
मंगलौर स्थित अब्दुल कलाम चौक के समीप एक बाग में काटे गए आम के पेड़ अब भी मौके पर पड़े-पड़े सूख रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि घटना को एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विभागीय स्तर पर कंपाउंडिंग की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है।
गौरतलब है कि बीते मार्च माह में उक्त बाग में 71 आम के पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया था। मामला उजागर होने के बाद उद्यान विभाग ने बाग स्वामी, जो मंगलौर के पूर्व विधायक के पुत्र बताए जा रहे हैं, के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

नियमों के अनुसार, काटे गए पेड़ों को मौके से हटाने से पहले कंपाउंडिंग की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होता है। इसके तहत बाग स्वामी या ठेकेदार को निर्धारित जुर्माना राशि जमा करनी होती है, जिसके बाद ही लकड़ी को उठाने की अनुमति मिलती है।
हालांकि, सूत्रों के मुताबिक बाग स्वामी और ठेकेदार विभागीय अधिकारियों के संपर्क में हैं, लेकिन अब तक कंपाउंडिंग की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी है। इसके चलते कटे हुए पेड़ वहीं पड़े-पड़े सूख रहे हैं।
सूत्रों का यह भी कहना है कि पूर्व विधायक के पुत्र अब इस मामले में विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं और जल्द ही मीडिया के सामने अपना पक्ष रख सकते हैं। इस पूरे प्रकरण को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है।
वहीं उद्यान विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी तेजपाल ने बताया कि मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है और आगे की कार्रवाई उनके स्तर से की जानी है।
