

देहरादून। प्रदेश के अटल उत्कृष्ट स्कूलों में शिक्षकों की पांच साल के लिए तैनाती की व्यवस्था है, लेकिन शिक्षा विभाग में अनुरोध के आधार पर हुए हालिया तबादलों में दो महीने पहले तैनात किए गए कुछ शिक्षकों के भी तबादले कर दिए गए हैं। इससे तबादला प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। कुछ शिक्षकों का कहना है कि अटल उत्कृष्ट स्कूलों के शिक्षकों के तबादले से अन्य शिक्षकों को नुकसान हुआ है।
शिक्षकों के मुताबिक तबादलों में सुगम-दुर्गम का आधार नहीं अपनाया गया। इसके चलते लंबे समय से दुर्गम क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों को तबादले का लाभ नहीं मिल पाया। आरोप है कि तबादलों के लिए विभाग में काउंसलिंग भी नहीं कराई गई और न ही अपनाए गए मानकों को सार्वजनिक किया गया।
पत्नी की बीमारी को बनाया आधार
तबादला सूची में कुछ शिक्षिकाओं के तबादले का आधार पत्नी की बीमारी बताया गया है। शिक्षकों का कहना है कि एक-दो नहीं, बल्कि तीन से चार शिक्षिकाओं के नाम और संबंधित स्कूल के आगे तबादले के आधार के रूप में ‘पत्नी की बीमारी’ दर्ज है। यह मामला लिपिकीय त्रुटि है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है, यह जांच का विषय है।
शिक्षकों ने विभाग से तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने, मानकों को सार्वजनिक करने और अटल उत्कृष्ट स्कूलों में हाल ही में तैनात शिक्षकों के तबादलों के औचित्य को स्पष्ट करने की मांग की है।
