

देहरादून/उत्तराखंड।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने डिफेंस कॉलोनी स्थित अपने आवास पर खीरा, खरबूजा, रागी और तरबूज पार्टी का आयोजन कर एक बार फिर सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी। इस आयोजन को केवल एक सामान्य मिलन समारोह नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आयोजन के जरिए हरीश रावत हमेशा से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और आम जनता से जुड़ने की कोशिश करते रहे हैं। इससे पहले उनकी “माल्टा पार्टी” भी काफी चर्चा में रही थी। अब इस ‘फल पार्टी’ के जरिए उन्होंने एक बार फिर अपनी राजनीतिक सक्रियता का संकेत दिया है।

इस आयोजन में उनकी मौजूदगी ने यह भी साफ किया कि वे पार्टी के भीतर और बाहर दोनों ही स्तरों पर अपनी भूमिका को मजबूत बनाए रखना चाहते हैं। इसे आगामी राजनीतिक रणनीति के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान हरीश रावत ने नारी शक्ति बंधन अधिनियम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने अधिनियम का समर्थन किया, लेकिन साथ ही परिसीमन के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक में निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।

