दून अस्पताल में फिर फंसी लिफ्ट, महिला समेत तीन मरीज आधे घंटे तक रहे अंदर कैद

देहरादून। दून अस्पताल की ओपीडी बिल्डिंग में बुधवार सुबह दूसरी और तीसरी मंजिल के बीच अचानक लिफ्ट फंस जाने से अफरा-तफरी मच गई। लिफ्ट में एक महिला समेत तीन मरीज करीब आधे घंटे तक फंसे रहे। तेज गर्मी और घुटन के बीच महिला लगातार बाहर निकालने की गुहार लगाते हुए रोती रही। बाद में कर्मचारियों ने स्पेशल चाभी की मदद से लिफ्ट खोलकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।

जानकारी के अनुसार घटना सुबह करीब 10 बजे की है। चौथी मंजिल से डॉक्टर को दिखाने के बाद मरीज भूतल पर दवाइयां लेने जा रहे थे। इसी दौरान वे स्टाफ के उपयोग वाली छोटी लिफ्ट से नीचे उतर रहे थे। बताया गया कि गलत बटन दबने के कारण लिफ्ट दूसरी और तीसरी मंजिल के बीच में अटक गई।

अंदर फंसे मरीजों ने इमरजेंसी बटन दबाया, जिसके बाद सायरन बजने से कर्मचारियों को घटना की जानकारी मिली। अस्पताल स्टाफ मौके पर पहुंचा और मरीजों को बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए। शुरुआत में कर्मचारियों को लिफ्ट फंसने का सही कारण समझ नहीं आया और वे अलग-अलग तकनीकी उपाय करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली।

गर्मी और घुटन बढ़ने से अंदर फंसे मरीज घबराने लगे। महिला लगातार रोती रही और बाहर निकालने की अपील करती रही। इसके बाद कर्मचारियों ने दूसरी और तीसरी मंजिल पर पहुंचकर स्पेशल चाभी से लिफ्ट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। अंदर मौजूद मरीज से कुंडा ऊपर करवाने के बाद दरवाजा खुल पाया। दरवाजा खुलते ही अंदर फंसे लोग घबराहट में तेजी से बाहर निकले।

बताया गया कि लिफ्ट टेक्नीशियन भी तकनीकी खराबी को लेकर उलझन में थे। इसी दौरान अस्पताल में बार-बार बिजली जाने से समस्या और बढ़ गई। बिजली कटने के बाद जनरेटर शुरू होने में भी समय लग रहा था, जिससे रेस्क्यू में देरी हुई।

गौरतलब है कि दून अस्पताल में लिफ्ट फंसने की यह पहली घटना नहीं है। पिछले वर्ष 23 दिसंबर को भी ओपीडी बिल्डिंग की लिफ्ट में 12 लोग करीब 20 मिनट तक फंसे रहे थे। उस समय भी बिजली गुल होने के कारण यह घटना हुई थी। इससे पहले वर्ष 2020 में भी दो बार इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।