


देहरादून। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाने वाले साइबर गिरोहों को लेकर उत्तराखंड एसटीएफ ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि केदारनाथ हेली सेवा और यात्रा बुकिंग के नाम पर सबसे अधिक साइबर ठगी बिहार के नवादा, पटना, गया और बिहारशरीफ जिलों से संचालित गिरोह कर रहे हैं। जांच एजेंसियों को सबसे ज्यादा फर्जी आईपी एड्रेस भी इन्हीं जिलों में सक्रिय मिले हैं।
एसटीएफ के अनुसार, चारधाम यात्रा शुरू होते ही साइबर अपराधियों ने फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया पेज और मोबाइल नंबरों के माध्यम से श्रद्धालुओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। सबसे अधिक शिकायतें केदारनाथ हेली सेवा की ऑनलाइन बुकिंग को लेकर सामने आईं। ठग कम कीमत और तत्काल टिकट उपलब्ध कराने का झांसा देकर लोगों से हजारों रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा रहे थे। इसके अलावा फर्जी होटल और गेस्ट हाउस बुकिंग के नाम पर भी यात्रियों से ठगी की गई।

एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए अब तक 200 से अधिक फर्जी वेबसाइट, फेसबुक पेज, इंस्टाग्राम अकाउंट और संदिग्ध बुकिंग लिंक बंद कराए हैं। वहीं साइबर ठगी में इस्तेमाल हो रहे 50 से अधिक मोबाइल नंबर भी ब्लॉक किए गए हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि ये गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहे थे और सोशल मीडिया विज्ञापनों के माध्यम से यात्रियों तक पहुंच बना रहे थे।
चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए एसटीएफ लगातार ऑनलाइन मॉनिटरिंग कर रही है। साइबर टीमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, फर्जी ट्रैवल पोर्टल और संदिग्ध ऑनलाइन पेमेंट गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। कई फर्जी वेबसाइट सरकारी पोर्टल जैसी दिखाई देती हैं, जिसके कारण श्रद्धालु आसानी से धोखे का शिकार हो जाते हैं। अब तक 200 से अधिक ऐसी साइटों को बंद कराया जा चुका है।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने यात्रियों से अपील की है कि हेली सेवा, होटल बुकिंग या यात्रा पंजीकरण केवल अधिकृत पोर्टल के माध्यम से ही कराएं। किसी भी अनजान मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया लिंक या व्हाट्सएप मैसेज के जरिए भुगतान न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड सरकार ने केदारनाथ हेली सेवा बुकिंग के लिए केवल आईआरसीटीसी को अधिकृत किया है और यात्रियों को वहीं से टिकट बुक करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।
एसटीएफ द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, बीते चार महीनों में पीड़ितों के लगभग 10 करोड़ रुपये बचाए गए हैं। इसके अलावा 147 अंतरराज्यीय लिंक ऑपरेटरों और 27 फर्जी मोबाइल धारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी की गई है।
