रुड़की। भारतीय किसान यूनियन टोडा ने किसानों की समस्याओं को लेकर नियमित रूप से आवाज उठाने और उनके समाधान के लिए हर महीने की 24 तारीख को बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। रुड़की सिविल लाइंस स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में आयोजित संगठन की मासिक बैठक में किसानों के मुद्दों, उनके निस्तारण और आगामी रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन टोडा ने कहा कि संगठन किसानों की समस्याओं को गंभीरता से उठाएगा और संबंधित स्तर पर उनके समाधान का प्रयास करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और समस्याएं लंबित रहीं तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेगा।
सचिन टोडा ने उत्तराखंड किसान मोर्चा को भारतीय किसान यूनियन टोडा का पूर्ण समर्थन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच वार्ता में जिन मुद्दों पर सहमति बनी है, उन पर समय रहते अमल किया जाना चाहिए। यदि सहमति के बावजूद मांगों को पूरा नहीं किया गया तो किसानों को आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान किसान संगठनों के बीच आपसी तालमेल का मुद्दा भी उठा। सचिन टोडा ने कहा कि कुछ संगठनों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करना और दूसरे संगठनों को कमतर दिखाने का प्रयास करना उचित नहीं है। उनके अनुसार, किसान संगठनों को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर किसानों के अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन टोडा किसानों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। संगठन का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाकर उनका समाधान कराना है। इसके लिए मासिक बैठकों के माध्यम से आगे की रणनीति तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर किसानों के हित में व्यापक आंदोलन भी किया जाएगा।
