दिवाली पर प्रदूषण की निगरानी करेगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड,शहरों में हवा और ध्वनि की होगी जांच

देहरादून। दिवाली के दौरान बढ़ने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण पर नजर रखने के लिए उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने विशेष निगरानी अभियान की तैयारी की है। इसके तहत एक से 15 नवंबर तक प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता और ध्वनि प्रदूषण की नियमित जांच की जाएगी। अभियान का उद्देश्य त्योहार के दौरान प्रदूषण के स्तर का आकलन करना और पर्यावरण की स्थिति पर नजर रखना है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, देहरादून, ऋषिकेश, टिहरी, हरिद्वार, काशीपुर, रुद्रपुर, हल्द्वानी और नैनीताल में स्थापित निगरानी स्टेशनों के माध्यम से वायु गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इस दौरान सल्फर डाइऑक्साइड (एसओटू), पीएम 2.5 और पीएम 10 समेत वायु प्रदूषण से जुड़े प्रमुख मानकों की निगरानी की जाएगी।

इसके साथ ही ध्वनि प्रदूषण के स्तर का पता लगाने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार, प्रत्येक शहर में तीन स्थानों पर ध्वनि प्रदूषण की निगरानी की जाएगी। इससे दिवाली के आसपास विभिन्न क्षेत्रों में शोर के स्तर का आकलन करने में मदद मिलेगी।

बोर्ड ने निगरानी अभियान के दौरान प्राप्त आंकड़ों को नियमित रूप से संकलित करने के निर्देश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट तैयार कर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्यालय भेजनी होगी। इससे प्रदूषण के स्तर में होने वाले बदलावों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।

वहीं, स्थानीय निकायों को भी इस अवधि में प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा गया है। विशेष रूप से धूल नियंत्रण के उपायों को मजबूत करने और स्वच्छता से जुड़े जरूरी इंतजाम करने पर जोर दिया गया है।

दिवाली के दौरान आतिशबाजी, वाहनों की आवाजाही और धूल के कारण कई क्षेत्रों में प्रदूषण बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का यह अभियान प्रदेश के प्रमुख शहरों में वायु और ध्वनि गुणवत्ता की स्थिति का आकलन करने के साथ ही संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने में मददगार साबित हो सकता है।