सीएम धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील

Uttrakhand: पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को माणा गांव पहुंचकर क्षेत्र का भ्रमण किया और श्रद्धालुओं व स्थानीय जनता से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुखद और प्लास्टिक मुक्त हरित यात्रा बनाने की अपील की।

मुख्यमंत्री के आगमन पर माणा गांव की महिलाओं ने पारंपरिक मांगलगीत गाकर और स्थानीय उत्पाद भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया। सीएम ने इस आत्मीय स्वागत के लिए ग्रामीण महिलाओं का आभार जताते हुए उनकी समृद्ध परंपराओं और संस्कृति की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव की शत-प्रतिशत “लखपति दीदियों” से मुलाकात की और उनके कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पाद न केवल गुणवत्तापूर्ण हैं, बल्कि ये स्थानीय आजीविका को मजबूत करने के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त बना रहे हैं।

उन्होंने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे स्थानीय उत्पादों की खरीद करें, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत गांवों के विकास को नई दिशा मिली है। जो गांव पहले “अंतिम गांव” कहे जाते थे, उन्हें अब “प्रथम गांव” के रूप में विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।