

660 मेगावाट की परियोजना से जल संरक्षण, पेयजल, सिंचाई और बिजली उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
नई दिल्ली। 660 मेगावाट क्षमता की महत्वपूर्ण किशाऊ बांध परियोजना को लेकर मंगलवार को दिल्ली में अहम बैठक हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के बीच परियोजना को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। सभी राज्यों के प्रतिनिधियों ने परियोजना से जुड़े करार को अंतिम रूप दिया।
ऊपरी यमुना बेसिन में प्रस्तावित किशाऊ परियोजना को क्षेत्र की प्रमुख बहुउद्देशीय जल एवं ऊर्जा परियोजनाओं में माना जा रहा है। करीब 15 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना की जल भंडारण क्षमता 1,324 मिलियन घन मीटर होगी। परियोजना के पूरा होने से ऊपरी यमुना बेसिन में जल संरक्षण और जल प्रबंधन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
परियोजना का उद्देश्य बहुउद्देशीय लाभ सुनिश्चित करना है। इसके तहत पेयजल आपूर्ति, सिंचाई और बिजली उत्पादन के साथ जल संरक्षण पर भी जोर दिया जाएगा। छह राज्यों के बीच हुए समझौते को परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
