
रुड़की स्थित बीएसएम पीजी कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एनसीसी कैडेट्स और छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान युवाओं ने कला और अभिनय के माध्यम से समाज में महिलाओं की स्थिति और उनके अधिकारों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं।

महाविद्यालय परिसर में आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने अपनी तूलिका से महिला सशक्तिकरण से जुड़े ज्वलंत विषयों को उकेरा। प्रतियोगिता के प्रमुख विषय सशक्त नारी-सशक्त भारत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, रूढ़ियों को तोड़ती महिलाएं और डिजिटल नारी रहे। प्रतियोगिता में कुल 21 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से नारी शक्ति के विभिन्न आयामों को प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एनसीसी गर्ल्स कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। “क्या वास्तव में नारियां स्वतंत्र हैं?” विषय पर आधारित इस नाटक ने वर्तमान सामाजिक परिवेश पर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए। नाटक के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने समाज को सकारात्मक संदेश देते हुए महिलाओं के प्रति सोच में बदलाव लाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं महाविद्यालय के प्राचार्य मेजर (डॉ.) गौतमवीर ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने समाज से महिला सुरक्षा के प्रति अधिक संवेदनशील बनने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि समाजसेवी विवेक काम्बोज ने छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए गए पोस्टर्स का अवलोकन किया और नुक्कड़ नाटक की सराहना करते हुए प्रतिभागियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में एसयूओ रजत रावत, कशिश, निशांत, नवाजिश, प्रियांशु, सनी, धीरज, आयुषी, आर्यन, पुनीत, प्रिया, प्रजेश, रिया, शमा, प्रेरणा और शिवानी सहित अन्य कैडेट्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. इन्दु अरोड़ा, डॉ. राजेश पालीवाल, सांस्कृतिक समिति की डॉ. सुनीता कुमारी, डॉ. रीमा सिन्हा, डॉ. अलका तोमर और डॉ. सीमा गुप्ता सहित महाविद्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा।
