उत्तराखंड पुलिस की ऑनलाइन एफआईआर सेवा 15 दिन से ठप, स्वास्थ्य प्राधिकरण के डेटा में सेंध

सीसीटीएनएस सर्वर पर साइबर हमले की आशंका, एफआईआर देखने की सुविधा बंद; स्वास्थ्य प्राधिकरण में आईडी-पासवर्ड डेटा कॉपी होने का अलर्ट

देहरादून। उत्तराखंड पुलिस की ऑनलाइन एफआईआर सेवा पिछले करीब 15 दिनों से ठप है। गूगल के माध्यम से सीसीटीएनएस उत्तराखंड के लिंक पर पहुंचने वाले लोगों को सर्वर एरर का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, वैकल्पिक तौर पर उपलब्ध कराए गए पुलिस सिटीजन पोर्टल पर भी दर्ज एफआईआर देखने की सुविधा तकनीकी दिक्कतों के चलते बंद है। सूत्रों के मुताबिक, सीसीटीएनएस सर्वर साइबर हमले का शिकार हुआ है, जिससे सर्वर को नुकसान पहुंचने के कारण ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

उत्तराखंड पुलिस की वेबसाइट और एप के जरिए नागरिकों को ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराने, दर्ज एफआईआर देखने समेत कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। सीसीटीएनएस उत्तराखंड के नाम से गूगल पर सर्च करने पर मिलने वाला policecitizenportal.uk.gov.in/Citi/firSearch.aspx लिंक फिलहाल नहीं खुल रहा है। इसके स्थान पर एक वैकल्पिक लिंक संचालित किया गया है, लेकिन उस पर भी स्पष्ट किया गया है कि तकनीकी कारणों से ‘व्यू एफआईआर’ सेवा बंद है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2023 में भी सीसीटीएनएस पर साइबर हमला हुआ था।

स्वास्थ्य प्राधिकरण के डेटा में भी सेंध की आशंका

इधर, आयुष्मान योजना और गोल्डन कार्ड की सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के डेटा की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, 21 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे किसी ने प्राधिकरण के क्रेडेंशियल यानी आईडी-पासवर्ड से संबंधित डेटा कॉपी किया। डेटा कॉपी किए जाने का अलर्ट भी सामने आया है। इसके बाद आईटीडीए ने प्राधिकरण के अधिकारियों से इस संबंध में जवाब मांगा है।

मामले में साइबर अपराधियों द्वारा डेटा कॉपी किए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि स्वास्थ्य प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि जिस समय डेटा कॉपी किए जाने की बात सामने आई है, उस वक्त कार्यालय बंद था। इसके बावजूद जांच की जा रही है कि उस दौरान कोई व्यक्ति कार्यालय के अंदर तो नहीं पहुंचा था।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अपर निदेशक आईटी अमित शर्मा ने बताया कि आईटीडीए ने मामले के संबंध में जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि घटना के बताए गए समय पर कार्यालय बंद रहता है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

एफआईआर का दुरुपयोग रोकने के लिए लिंक प्रतिबंधित

सीसीटीएनएस/एसटीएफ के आईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि पुराने लिंक का दुरुपयोग किया जा रहा था। ठग एफआईआर की कॉपी सीधे निकालकर उसका इस्तेमाल अपराधों को अंजाम देने में कर रहे थे। इसी वजह से उस लिंक को प्रतिबंधित किया गया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष लॉगिन करके सीधे अपनी एफआईआर देख सकते हैं।

आईटीडीए के अधिकारियों की ओर से सीसीटीएनएस सेवा बाधित होने और साइबर हमले की आशंका पर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।