नेहरू स्टेडियम के कायाकल्प पर पुनर्विचार की मांग, रामलीला समिति ने मंत्री को सौंपा ज्ञापन

रुड़की,
नेहरू स्टेडियम के प्रस्तावित कायाकल्प को लेकर श्री रामलीला समिति बीटी गंज ने चिंता जताते हुए उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा को ज्ञापन सौंपकर योजना पर पुनर्विचार की मांग की है। समिति का कहना है कि यदि स्टेडियम में भविष्य में केवल खेल गतिविधियों को ही अनुमति दी गई, तो शहर के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए गंभीर समस्या खड़ी हो जाएगी।

समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि शहर के मध्य स्थित नेहरू स्टेडियम रुड़की की एकमात्र बड़ी खुली जगह है, जहां वर्षों से शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन, जनसभाएं तथा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। गरीब परिवारों के विवाह समारोहों के अलावा श्री रामलीला समिति बीटी गंज द्वारा आयोजित भव्य दशहरा महोत्सव भी इसी मैदान में संपन्न होता है।

ज्ञापन में कहा गया है कि स्टेडियम के कायाकल्प को लेकर ऐसी जानकारी मिल रही है कि भविष्य में यहां केवल खेल संबंधी गतिविधियों की ही अनुमति होगी। यदि ऐसा हुआ तो दशकों से आयोजित हो रहे दशहरा महोत्सव सहित कई महत्वपूर्ण सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों के सामने स्थान का संकट उत्पन्न हो जाएगा। समिति का दावा है कि नगर में ऐसा कोई अन्य बड़ा मैदान उपलब्ध नहीं है, जहां इन आयोजनों को स्थानांतरित किया जा सके।

समिति ने मंत्री से मांग की कि स्टेडियम का विकास अवश्य किया जाए, लेकिन उसकी उपयोगिता ऐसी बनी रहे कि खेल गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पूर्व की भांति आयोजित किए जा सकें। पदाधिकारियों ने कहा कि नेहरू स्टेडियम केवल खेल गतिविधियों का केंद्र नहीं, बल्कि रुड़की की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।

ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदीप परुथी, मनोज अग्रवाल, शशिकांत अग्रवाल, सौरभ सिंघल, दीपक शुक्ला, नवनीत गर्ग, शौर्य प्रताप सिंह, आकर्षित शर्मा, अमन अग्रवाल, नमन गोयल, आदि जैन, कुशाग गर्ग, आशीष अग्रवाल, राकेश गर्ग, विशाल गुप्ता, अजेश अग्रवाल, पंकज जैन, बंटी जैन और बिट्टू शर्मा सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।