मेहरगांव में बारिश का कहर, मकान ढहा; चार लोग मलबे में दबे

एक महिला को ग्रामीणों ने बचाया, बच्चे का शव बरामद; राहत-बचाव कार्य जारी

कोटद्वार। द्वारीखाल ब्लॉक के मेहरगांव (भलगांव) में भारी बारिश के बीच एक मकान ढह गया। हादसे में चार लोग मलबे में दब गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें तत्काल मौके के लिए रवाना हो गईं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मलबे में दबे चार लोगों में से एक महिला को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं, एक बच्चे का शव बरामद किया गया है। अन्य लोगों की तलाश और राहत-बचाव कार्य जारी है। मौके पर एंबुलेंस और मेडिकल टीम को भी भेजा गया है।

लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए जिलाधिकारी मंगलवार को आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे। उन्होंने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश, भूस्खलन की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

वहीं, बैरगांव में भूस्खलन की घटना में घायल एक महिला को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सतपुली स्थित हंस चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है।

भूस्खलन से बाधित मार्गों को खोलने के निर्देश

जिलाधिकारी ने भूस्खलन के कारण बंद हुई सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने के निर्देश दिए हैं। सतपुली-गुमखाल मार्ग पर बाधित स्थानों को जेसीबी की मदद से खोल दिया गया है। वहीं, गुमखाल-द्वारीखाल-महरगांव मार्ग को सुचारु करने के लिए भी जेसीबी मशीन भेजी गई है।

डीएम ने सड़क, पेयजल और विद्युत समेत सभी आवश्यक सेवाओं की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। विद्युत फीडर में ब्रेकडाउन की स्थिति में टीमों को तत्काल मौके पर भेजकर बिजली आपूर्ति बहाल करने को कहा गया है।

नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई क्षेत्रों में खतरा

बीती रात से पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। निरंतर बारिश के कारण सिलगाड़ और लंगूरगाड़ नदियों का जलस्तर खतरे के स्तर के करीब पहुंच गया है। सरुड़ा गांव में पंचायत घर और खोह नदी के तट पर बने मकानों पर खतरा मंडरा रहा है।

लंगूरगाड़ नदी के बढ़ते प्रवाह से सुभाष बाजार वार्ड का कंडवाल मोहल्ला भी संवेदनशील स्थिति में आ गया है। पुलिस और प्रशासन की टीमें प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं।

उधर, एनएच-534 पर कई स्थानों पर भूस्खलन होने से यातायात बाधित हो गया है। रपटों में भी जलस्तर बढ़ने से स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।

जिलाधिकारी ने आमजन से नदी-नालों के किनारे न जाने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। जिला प्रशासन ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्रवाई की जाएगी।