रुड़की(कैलाश तिवारी) मंदिरों में भगवान को अर्पित किए जाने वाले फूल और अन्य पूजन सामग्री अब कूड़े में नहीं फेंकी जाएगी। नगर निगम ने इनके सम्मानजनक निस्तारण और पुनः उपयोग की दिशा में पहल शुरू की है। इसके तहत गंगनहर स्थित आरती घाट पर तीन अलग-अलग काउंटर स्थापित किए गए हैं। सोमवार को सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, मेयर अनीता अग्रवाल और मेयर प्रतिनिधि ललित मोहन अग्रवाल की मौजूदगी में इन काउंटरों का उद्घाटन किया गया।
नई व्यवस्था के तहत पहले काउंटर पर भगवान को अर्पित किए गए फूल, दूसरे काउंटर पर भगवान की पोशाक और तीसरे काउंटर पर अन्य पूजन सामग्री एकत्र की जाएगी। इसके बाद सामग्री का अलग-अलग तरीके से निस्तारण किया जाएगा। शुरुआती चरण में महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से फूलों से धूपबत्ती सहित अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार कराए जाएंगे। इससे महिला समूहों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
नगर निगम की योजना आने वाले समय में इस कार्य को बड़े स्तर पर संचालित करने की है। इसके लिए एक बड़े प्लांट की स्थापना करने पर भी विचार किया जा रहा है, जहां मंदिरों से एकत्रित होने वाली पूजन सामग्री का व्यवस्थित तरीके से प्रसंस्करण किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि अब तक कई स्थानों पर मंदिरों से निकलने वाले फूलों और अन्य पूजन सामग्री को सामान्य कूड़े के साथ ही फेंक दिया जाता था। इससे धार्मिक भावनाएं आहत होने के साथ पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। नगर निगम की इस पहल से जहां पूजन सामग्री का सम्मानजनक निस्तारण सुनिश्चित हो सकेगा, वहीं उसे उपयोगी उत्पादों में बदलकर रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही गंगनहर और गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
