

रुड़की। आगामी कांवड़ मेले को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से गुरुवार को पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पुलिस बल की तैनाती, कांवड़ मार्गों की तैयारियों तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में रुड़की और भगवानपुर के क्षेत्राधिकारियों के अलावा रुड़की, पिरान कलियर, मंगलौर, झबरेड़ा, खानपुर, लक्सर, गंगनहर, बुग्गावाला, पथरी तथा यातायात पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) की बैठक कर उनकी भूमिका का आकलन करें तथा आवश्यकता के अनुसार नए एसपीओ नामित करें। साथ ही सीएसआर के तहत औद्योगिक इकाइयों से संपर्क कर मेले के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने के प्रयास किए जाएं।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए डायवर्जन स्थलों पर बैकअप पुलिस टीम तैनात करने, क्षतिग्रस्त रोड डिवाइडरों की शीघ्र मरम्मत कराने और सभी बैरियर प्वाइंट पर पर्याप्त स्लाइडिंग बैरियर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कांवड़ मार्ग पर स्थित होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में कार्यरत कर्मचारियों का सत्यापन सुनिश्चित करने तथा उनके विवरण के लिए रजिस्टर रखना अनिवार्य किया गया।
बैठक में कांवड़ ड्यूटी पर तैनात पैरामिलिट्री, पीएसी और अन्य पुलिस बलों के ठहरने की समुचित व्यवस्था, मेले से पूर्व अतिक्रमण हटाने, अधिक से अधिक साइन बोर्ड एवं फ्लेक्स लगाने तथा भगवानपुर क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए गए। खानपुर क्षेत्र के बालावाली, दल्लावाला और खानपुर तिराहे पर एंबुलेंस तैनात करने तथा लक्सर क्षेत्र में कुंवाखेड़ा मार्ग को दोपहिया वाहनों के लिए उपयोग में लाने की योजना पर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया।
इसके अलावा जिन प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं, वहां कैमरे लगाने, कांवड़ पटरी पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पेड़ों की छंटाई, जलभराव वाले स्थानों की पहचान और पुलियों की मरम्मत के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कांवड़ मार्ग पर भंडारा लगाने वाली सभी संस्थाओं और व्यक्तियों को 20 जुलाई 2026 से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके बाद नए भंडारों को अनुमति नहीं दी जाएगी। बैठक के अंत में सभी क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का व्यापक निरीक्षण कर सभी तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए।
