कैबिनेट बैठक में 10 प्रस्तावों पर लगी मुहर, मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में 10 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मंजूरी दी गई। बैठक में मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड, शासकीय अधिवक्ताओं के मानदेय, खिलाड़ियों की नियुक्ति समेत कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल इंटर्न स्टूडेंट्स का स्टाइपेंड 17 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। वहीं सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों में पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ताओं के शुल्क की दरों का पुनर्निर्धारण करते हुए मानदेय बढ़ाने को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट ने उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की भी स्वीकृति दी। उत्तराखंड कारागार सेवा नियमावली के तहत अपर महानिरीक्षक कारागार के एक पद को संवर्गीय ढांचे में शामिल करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा विधिक माप विज्ञान की सेवा नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी मिली।

खेल क्षेत्र में भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया। अपर सहायक व्यायाम के 33 पद सृजित किए जाएंगे, जो मेडल विजेता खिलाड़ियों के लिए आरक्षित होंगे। खेल नीति-2021 के तहत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों को 245 पदों पर नियुक्ति देने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। इन खिलाड़ियों को युवा कल्याण, परिवहन, शिक्षा समेत विभिन्न विभागों में नौकरी दी जाएगी।

बैठक में मसूरी जीएमवीएन की पार्किंग से 972 गज भूमि गढ़वाल सभा को देने तथा सलेमपुर में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) अस्पताल के लिए 15 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने पर भी मुहर लगी।

17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान

कैबिनेट बैठक में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। अभियान के तहत मंत्री और प्रभारी प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। 17 सितंबर को धार्मिक स्थलों पर आशीर्वाद का दीया जलाने के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अभियान में जनसहभागिता के माध्यम से वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान सहित राष्ट्र निर्माण से जुड़े स्वैच्छिक कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा। विभिन्न संगठनों को अभियान से जोड़ा जाएगा। बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक और सरकार की उपलब्धियों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा और बेहतर नवाचार को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अलावा किसी प्रमुख चौराहे पर ‘विकसित भारत’ का कलश स्थापित कर चौराहे का नाम भी विकसित भारत के नाम पर रखने की योजना है।