कैंपा के 104 करोड़ के बजट में से 21 प्रतिशत ही खर्च, छह महीने में बड़ी रकम खपाना चुनौती

नरेंद्रनगर वन प्रभाग को मिले सबसे अधिक 24.41 करोड़, अब तक खर्च हुए सिर्फ 2.90 करोड़ रुपये

देहरादून। प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (कैंपा) से वन प्रभागों को 104 करोड़ रुपये जारी होने के बावजूद बजट खर्च करने की रफ्तार धीमी बनी हुई है। 31 अगस्त तक जारी बजट का महज 21 प्रतिशत ही खर्च हो पाया है। सबसे अधिक 24 करोड़ 41 लाख रुपये नरेंद्रनगर वन प्रभाग को मिले हैं, लेकिन अब तक यहां सिर्फ 2 करोड़ 90 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।

339 करोड़ का बजट मंजूर, पहले चरण में जारी हुए 104 करोड़

इस वित्तीय वर्ष में कैंपा के तहत राज्य के लिए 339 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। इसमें से पहले चरण में 104 करोड़ रुपये वन प्रभागों को जारी किए गए। बजट प्राप्त करने वालों में नरेंद्रनगर वन प्रभाग सबसे आगे है। इसके बाद देहरादून वन प्रभाग को 23 करोड़ 26 लाख रुपये मिले हैं।

गढ़वाल के अन्य वन प्रभागों को 1 करोड़ 90 लाख से लेकर करीब 9 करोड़ रुपये तक जारी किए गए हैं। सबसे कम 1 करोड़ 90 लाख रुपये भूमि संरक्षण अलकनंदा वन प्रभाग को मिले हैं।

कैचमेंट प्लान के तहत होने हैं काम

कैंपा अधिकारियों के अनुसार, नरेंद्रनगर वन प्रभाग को अधिक बजट कैचमेंट प्लान के तहत होने वाले कार्यों के लिए दिया गया है। इस योजना के तहत बारिश के पानी के साथ मिट्टी के बहाव को रोकने और मिट्टी को सीधे नदियों एवं जलाशयों में जाने से रोकने के लिए विभिन्न कार्य किए जाते हैं।

छह महीने में बड़ी रकम खर्च करना चुनौती

कैंपा के तहत जारी 104 करोड़ रुपये में से 31 अगस्त तक केवल 21 प्रतिशत ही खर्च हो सका है। देहरादून वन प्रभाग ने 11 करोड़ 28 लाख रुपये खर्च किए हैं। वहीं, कई वन प्रभाग ऐसे हैं, जहां जारी बजट का महज 8 से 12 प्रतिशत ही खर्च हो पाया है।

इस बीच केंद्रीय मंत्रालय से 207 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी मिल चुकी है, जिसे वन प्रभागों को जारी किया जाना है। ऐसे में अगले छह महीनों में बड़ी रकम खर्च करना विभाग के सामने चुनौती होगी।