

काशीपुर। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 1109 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में शनिवार को ऊधम सिंह नगर के काशीपुर स्थित एक फैक्टरी में छापेमारी की। यह कार्रवाई ओडिशा की गुप्ता पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के तहत की गई। काशीपुर की यह यूनिट कंपनी के लिए महत्वपूर्ण उपकरणों का निर्माण करती है।
सीबीआई के अनुसार, कंपनी पर केनरा बैंक से विभिन्न फंड आधारित और गैर-फंड आधारित ऋण सुविधाएं लेकर करीब 1109 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि अधिक ऋण प्राप्त करने के लिए कंपनी ने स्टॉक का मूल्य बढ़ाकर दिखाया, व्यापारिक देनदारियों के आंकड़ों में हेराफेरी की और वित्तीय विवरणों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया।
जांच एजेंसी का आरोप है कि ऋण की राशि का दुरुपयोग कर उसे अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। साथ ही बैंक खातों को नियमित दर्शाने के लिए कथित तौर पर फर्जी वित्तीय लेनदेन भी किए गए, जिससे बैंक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
विशेष न्यायाधीश (सीबीआई), भुवनेश्वर द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर सीबीआई ने ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और उत्तराखंड में कुल छह स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। उत्तराखंड में काशीपुर स्थित कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से जांच टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज कब्जे में लिए हैं।
इसके अलावा भुवनेश्वर स्थित निदेशकों के आवास, कोलकाता में कंपनी के पंजीकृत कार्यालय तथा तमिलनाडु के तिरुवल्लूर और ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित उत्पादन इकाइयों में भी तलाशी अभियान चलाया गया। मामले की जांच जारी है।
