हेमकुंड साहिब यात्रा की तैयारी तेज: सेना और सेवादारों ने शुरू किया बर्फ हटाने का कार्य

गोविंदघाट। विश्व प्रसिद्ध हेमकुंड साहिब यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने के लिए भारतीय सेना की 418 माउंटेन ब्रिगेड का दल और गुरुद्वारे के सेवादार बुधवार को गोविंदघाट से रवाना हो गए।

बताया जा रहा है कि हेमकुंड साहिब के आस्था पथ पर अभी आठ फीट से अधिक बर्फ जमी हुई है। विशेष रूप से अटलाकोटी से आगे का पूरा क्षेत्र बर्फ से ढका हुआ है, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध है।

यात्रा शुरू होने से पहले रास्ता साफ करने के उद्देश्य से सेना के जवानों और सेवादारों ने रवाना होने से पहले गुरुद्वारे में अरदास की। इसके बाद हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के सीईओ सरदार सेवा सिंह ने दल को घांघरिया के लिए रवाना किया।

सेवा सिंह के अनुसार, एक सप्ताह पहले भेजी गई सेवादारों की टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया था, जिसमें अटलाकोटी ग्लेशियर क्षेत्र में भारी बर्फबारी की पुष्टि हुई थी। अब यह टीम घांघरिया में ठहरकर प्रतिदिन मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य करेगी। अनुमान है कि करीब तीन सप्ताह में रास्ता पूरी तरह साफ कर लिया जाएगा।

इस वर्ष हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खोले जाएंगे, जबकि पहला जत्था 20 मई को ऋषिकेश से रवाना होगा। यात्रा की तैयारियों को समय पर पूरा करने के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष सरदार नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने भारतीय सेना और सेवादारों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि हर वर्ष उनके निस्वार्थ प्रयासों से ही यात्रा सफल और सुरक्षित रूप से संपन्न होती है।