

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। करीब 1 घंटे 55 मिनट के भाषण में उन्होंने ग्रीन विकास, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को केंद्र में रखा। यह अब तक का दिल्ली का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बजट को जनता की आकांक्षाओं का दस्तावेज बताते हुए कहा कि इसमें दिल्ली के भविष्य की दिशा तय करने की कोशिश की गई है। बजट में शिक्षा क्षेत्र को सबसे अधिक 19,326 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि स्वास्थ्य के लिए 13,034 करोड़ रुपये रखे गए हैं। अस्पतालों के विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त 515 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
परिवहन और सड़क निर्माण के लिए 12,613 करोड़ रुपये, जबकि शहरी विकास और आवास के लिए 11,572 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। पर्यावरण संरक्षण और हरित परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए कुल बजट का 21 प्रतिशत हिस्सा इस क्षेत्र के लिए रखा गया है। 750 किलोमीटर सड़कों की कारपेटिंग के लिए 1,392 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
महिला सशक्तिकरण के तहत कई योजनाओं की घोषणा की गई है। ‘लखपति बिटिया योजना’ के अंतर्गत जन्म से स्नातक तक आर्थिक सहायता दी जाएगी। कक्षा 9 तक की छात्राओं को साइकिल और कक्षा 10 के मेधावी छात्रों को लैपटॉप दिए जाएंगे। ‘महिला समृद्धि योजना’ के तहत महिलाओं को 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता और ई-ऑटो रिक्शा उपलब्ध कराने की योजना है।
दिल्ली नगर निगम को 1,166 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है, जबकि दिल्ली जल बोर्ड के लिए 9,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक नीति के लिए 200 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं। सरकार ने 74,000 करोड़ रुपये टैक्स से जुटाने और 16,700 करोड़ रुपये कर्ज लेने का अनुमान जताया है।
विपक्ष का विरोध जारी
बजट पेश होने के दौरान आम आदमी पार्टी के विधायक सदन में मौजूद नहीं रहे। चार विधायकों के निलंबन के विरोध में पार्टी ने लगातार दूसरे दिन विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। मुख्य द्वार पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और प्रदर्शनकारियों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
बम की धमकी से बढ़ी सुरक्षा
बजट सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष और सचिवालय को ईमेल के जरिए बम की धमकी मिली, जिसके बाद पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। हालांकि, इन परिस्थितियों के बीच भी बजट सत्र सुचारु रूप से संपन्न हुआ।
