प्रतिबंधित जमीनों में निवेश से पहले बरतें सावधानी

गोल्डन फॉरेस्ट और पीएसीएल की सैकड़ों हेक्टेयर जमीन विवादों में, 73 खसरों की खरीद-फरोख्त पर रोक

विकासनगर। सपनों का घर बनाने या कारोबार के लिए शहर के आसपास जमीन खरीदने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना बेहद जरूरी है। क्षेत्र में गोल्डन फॉरेस्ट और पीएसीएल जैसी कंपनियों की सैकड़ों हेक्टेयर जमीनें लंबे समय से विवादों में हैं। इन जमीनों की खरीद-फरोख्त पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत रोक है। इसके बावजूद लोग जमीन बेचने वालों के झांसे में आकर अपनी जीवनभर की कमाई गंवा रहे हैं।

बताया गया है कि पीएसीएल और गोल्डन फॉरेस्ट ने देशभर में जमा योजनाओं के जरिए बड़ी रकम जुटाई थी। बाद में इन कंपनियों की संपत्तियों को सेबी के अधीन अटैच किया गया और इनकी खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगाया गया। जिले में इन कंपनियों की अधिकांश संपत्तियां विकासनगर क्षेत्र में बताई जाती हैं।

प्रशासन के अनुसार जिले में कुल 73 ऐसे खसरा नंबर हैं, जिनकी खरीद-फरोख्त पर रोक लगी हुई है। इनमें 52 खसरे विकासनगर क्षेत्र के हैं। इसके अलावा स्थानीय अदालतों और हाईकोर्ट के आदेश के चलते भी कई अन्य खसरों को प्रतिबंधित किया गया है।

प्रशासन ने प्रतिबंधित खसरों की सूची ई-रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर अपलोड की है। साथ ही सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में भी इन खसरों की सूची चस्पा की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने जमीन खरीदने वाले लोगों से अपील की है कि किसी भी जमीन में निवेश करने से पहले संबंधित खसरा संख्या की स्थिति की जांच जरूर कर लें। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की पूरी पड़ताल और जमीन की कानूनी स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही निवेश करना सुरक्षित है।