


रुड़की। पूर्व विधायक एवं राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल से जुड़े मारपीट प्रकरण में नया विवाद सामने आया है। आजाद समाज पार्टी (आसपा) के कार्यकर्ताओं ने सिविल अस्पताल पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार कर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच तथा संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
महक सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आसपा कार्यकर्ता सिविल अस्पताल पहुंचे और नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि झबरेड़ी खुर्द में आयोजित “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद के बाद दर्ज मुकदमे में मेडिकल रिपोर्ट को आधार बनाकर पार्टी कार्यकर्ता सौरभ की गिरफ्तारी की गई, जबकि वास्तविक घटनाक्रम इससे अलग है।

महक सिंह ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में धारदार हथियार से हमला और गंभीर चोटों का उल्लेख किया गया है, जबकि घटना के वायरल वीडियो में ऐसा कोई हथियार दिखाई नहीं देता। उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते मेडिकल रिपोर्ट को मनमाने तरीके से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी।
धरने के दौरान आसपा नेताओं ने सिविल अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि अस्पताल में पहले भी फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार किए जाने के आरोप लगते रहे हैं और इस मामले में शामिल चिकित्सकों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी।
रामपुर नगर पंचायत अध्यक्ष परवेज सुल्तान ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं द्वारा सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्षी आवाजों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने वालों को झूठे मुकदमों में फंसाना उचित नहीं है और पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।
गौरतलब है कि झबरेड़ी खुर्द में आयोजित “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई थी, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने शनिवार रात नामजद आरोपी सौरभ को गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद से आसपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी बनी हुई है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. ए.के. मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने वाले चिकित्सक को निलंबित करने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। इस पर सीएमएस ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रदर्शन में अमित राकेश, वसीम अहमद, अर्जुन कर्णवाल, सुमित, शशांक, दीपक सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
