
रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने सतत विकास, अनुसंधान और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नामटेक (NAMTECH) और आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएमएनएस इंडिया) के साथ रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत किया है। इन सहयोगों से अनुसंधान, प्रतिभा विकास तथा तकनीकी नवाचार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
आईआईटी रुड़की एनटीपीसी के सहयोग से “सतत ऊर्जा और चक्रीयता केंद्र” (Centre for Sustainable Energy and Circularity) की स्थापना कर रहा है। इसी दिशा में 11 मई 2026 को आईआईटी रुड़की और नामटेक के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह केंद्र सतत विनिर्माण, ऊर्जा परिवर्तन और कार्यबल विकास को गति प्रदान करेगा। साथ ही हरित हाइड्रोजन, जल प्रबंधन और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुसंधान को प्रोत्साहित करेगा।
इसके अलावा, आईआईटी रुड़की और एएमएनएस इंडिया के बीच भी एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य उन्नत विनिर्माण, डिजिटल प्रौद्योगिकी और सतत विकास के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना है। दोनों संस्थान मिलकर उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप अनुसंधान और कौशल विकास कार्यक्रमों पर कार्य करेंगे।
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. केके पंत ने कहा कि ये साझेदारियां देश में नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास को नई दिशा देंगी तथा भारत को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इन पहलों से न केवल उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग मजबूत होगा, बल्कि सतत विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
