


Dehradun: नगर निगम की बैठक में मंगलवार को कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि तीर्थनगरी में अब शादी-विवाह, बच्चे के जन्म और अन्य शुभ अवसरों पर किन्नर 2100 रुपये से अधिक बधाई राशि नहीं ले सकेंगे।
नगर निगम की बैठक सुबह 11:30 बजे शुरू हुई। पार्षद अभिनव सिंह मलिक की ओर से बधाई राशि तय करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सभी पार्षदों ने समर्थन देकर पारित कर दिया।

पार्षदों का कहना था कि कई बार किन्नर शादी, बच्चे के जन्म और अन्य खुशी के अवसरों पर लोगों से मनमानी रकम की मांग करते हैं। मांग पूरी नहीं होने पर विवाद और हंगामे की स्थिति बन जाती है, जिससे झगड़े और मारपीट तक की नौबत आ जाती है। ऐसे मामलों को रोकने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
बैठक में पार्षदों को दिए जाने वाले भत्ते पर भी सहमति बनी। नगर निगम प्रशासन अब इस संबंध में फाइल शासन को भेजेगा। शासन से अनुमति मिलने के बाद पार्षदों को भत्ता मिलना शुरू होगा।
बैठक के दौरान सभी 40 पार्षदों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने पर कुछ पार्षदों ने नाराजगी जताते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। बाद में नगर आयुक्त के समझाने और अतिरिक्त फर्नीचर मंगवाने के बाद पार्षद बैठक में शामिल हुए।
पार्षद लव कांबोज ने सीमा डेंटल क्षेत्र के वेंडरों से तहबाजारी शुल्क के रूप में 21 हजार रुपये वसूलने के नोटिस का विरोध किया। उन्होंने कहा कि नगर निगम को समय-समय पर शुल्क वसूलना चाहिए था और एक साथ इतनी बड़ी राशि देना छोटे वेंडरों के लिए संभव नहीं है।
इसके अलावा बैठक में निराश्रित पशुओं को गौशाला भेजने, आवारा कुत्तों की समस्या, स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और सड़कों की स्थिति सुधारने जैसे मुद्दे भी उठाए गए।नगर निगम की बैठक में मंगलवार को कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि तीर्थनगरी में अब शादी-विवाह, बच्चे के जन्म और अन्य शुभ अवसरों पर किन्नर 2100 रुपये से अधिक बधाई राशि नहीं ले सकेंगे।
नगर निगम की बैठक सुबह 11:30 बजे शुरू हुई। पार्षद अभिनव सिंह मलिक की ओर से बधाई राशि तय करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सभी पार्षदों ने समर्थन देकर पारित कर दिया।
पार्षदों का कहना था कि कई बार किन्नर शादी, बच्चे के जन्म और अन्य खुशी के अवसरों पर लोगों से मनमानी रकम की मांग करते हैं। मांग पूरी नहीं होने पर विवाद और हंगामे की स्थिति बन जाती है, जिससे झगड़े और मारपीट तक की नौबत आ जाती है। ऐसे मामलों को रोकने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
बैठक में पार्षदों को दिए जाने वाले भत्ते पर भी सहमति बनी। नगर निगम प्रशासन अब इस संबंध में फाइल शासन को भेजेगा। शासन से अनुमति मिलने के बाद पार्षदों को भत्ता मिलना शुरू होगा।
बैठक के दौरान सभी 40 पार्षदों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने पर कुछ पार्षदों ने नाराजगी जताते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। बाद में नगर आयुक्त के समझाने और अतिरिक्त फर्नीचर मंगवाने के बाद पार्षद बैठक में शामिल हुए।
पार्षद लव कांबोज ने सीमा डेंटल क्षेत्र के वेंडरों से तहबाजारी शुल्क के रूप में 21 हजार रुपये वसूलने के नोटिस का विरोध किया। उन्होंने कहा कि नगर निगम को समय-समय पर शुल्क वसूलना चाहिए था और एक साथ इतनी बड़ी राशि देना छोटे वेंडरों के लिए संभव नहीं है।
इसके अलावा बैठक में निराश्रित पशुओं को गौशाला भेजने, आवारा कुत्तों की समस्या, स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और सड़कों की स्थिति सुधारने जैसे मुद्दे भी उठाए गए।
