उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की कथित मनमानी के खिलाफ किसान नेता तेज प्रताप सैनी ने मोर्चा खोला

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की कथित मनमानी के खिलाफ किसान नेता तेज प्रताप सैनी ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर भू-माफियाओं के साथ मिलीभगत कर ग्राम पंचायत बढेड़ी राजपूतान की जमीनों पर अवैध कब्जा कराने और किसानों को डराने-धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है।
​पत्रकारों से वार्ता करते हुए तेज प्रताप सैनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ग्राम पंचायत बढेड़ी राजपूतान की जमीन को जबरन अपनी बताकर उस पर कब्जा कर रहा है। विभागीय अधिकारी भू-माफियाओं से मोटी रकम लेकर मिलीभगत में लगे हैं। एक तरफ जहां अवैध कॉलोनियां बसाने के लिए जमीनें दी जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ हरे-भरे पेड़ों का अवैध कटान कराकर बहुमंजिला इमारतें खड़ी की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारी स्थानीय प्रशासन की सांठगांठ से किसानों की लहलहाती फसलों पर भी अपना बेबुनियाद हक जता रहे हैं।
​तेज प्रताप सैनी ने राजस्व अभिलेखों का हवाला देते हुए कहा कि खसरा और खतौनी में यह जमीन स्पष्ट रूप से उत्तराखंड की ग्राम पंचायत के नाम दर्ज है। इसके अलावा, मामले को लेकर माननीय उच्च न्यायालय (हाई कोर्ट) और माननीय उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के स्पष्ट आदेश भी उपलब्ध हैं। इसके बावजूद सिंचाई विभाग के भ्रष्ट अधिकारी न्यायपालिका के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं और उन्हें मानने को तैयार नहीं हैं।
​किसान नेता ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत और किसानों के हक पर डाका किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सिंचाई विभाग और प्रशासन ने अपनी कार्यशैली में सुधार न किया और किसानों का उत्पीड़न बंद न हुआ, तो व्यापक स्तर पर ‘जल आंदोलन’ शुरू किया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन (डीएम) से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।