लक्सर। तीन दिनों तक लगातार हुई बारिश और तेज हवाओं ने लक्सर क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धान की फसल पकने की अवस्था में पहुंच चुकी है, लेकिन बारिश और तेज हवाओं के कारण कई गांवों में खेतों में खड़ी फसल जमीन पर गिर गई। किसानों के अनुसार इससे उत्पादन प्रभावित होने के साथ ही कटाई की लागत बढ़ने की भी आशंका है।
बीते शनिवार से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला सोमवार तक जारी रहा। लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया, जबकि तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर पककर तैयार हो रही धान की फसल खेतों में बिछ गई। किसानों का कहना है कि इस समय धान की फसल को अधिक बारिश की जरूरत नहीं होती। फसल गिरने और खेतों में पानी जमा होने से कटाई के दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
किसान राकेश कुमार, रविंद्र कुमार, कृष्णा और बबलू ने बताया कि खेत में लंबे समय तक पानी भरा रहने से धान के दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है। उनका कहना है कि बारिश के कारण गिरी हुई फसल में दाने काले पड़ने का खतरा रहता है। वहीं, जमीन पर गिरी फसल को चूहों से भी नुकसान पहुंच सकता है। इससे किसानों को उत्पादन में कमी के साथ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों के मुताबिक क्षेत्र के कई गांवों में सैकड़ों बीघा धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है। अब किसानों की नजर फसल के नुकसान के सर्वे पर टिकी है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और नुकसान का आकलन किया जा सके।
सहायक कृषि अधिकारी शेरपाल सिंह ने बताया कि बारिश से फसल को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के बाद ही फसल को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
