दरगाह के खातों में 62 करोड़ से अधिक जमा, 60 बकायादारों पर करीब सात करोड़

पिरान कलियर। दरगाह के खातों में 62 करोड़ 11 लाख चार हजार 115 रुपये 80 पैसे जमा होने की जानकारी आरटीआई के जवाब में सामने आई है। इसके साथ ही वर्ष 2009 से 2026 तक 60 बकायादारों पर करीब सात करोड़ रुपये बकाया होने की जानकारी भी दी गई है। करोड़ों रुपये की राशि और बकाया रकम के आंकड़े सामने आने के बाद दरगाह की आय, खर्च और जायरीनों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

नेशनल पब्लिक सर्विस ट्रस्ट के सचिव एवं आरटीआई कार्यकर्ता प्रियांशु कांबोज ने दरगाह कार्यालय से तीन बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। कार्यालय की ओर से दिए गए जवाब में खातों में जमा राशि और बकाया धनराशि से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

हाल ही में दरगाह साबिर पाक का सालाना उर्स-मेला संपन्न हुआ था। मेले में देशभर से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे। इस दौरान सफाई, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर अव्यवस्थाओं की शिकायतें भी सामने आई थीं। कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था और क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर जायरीनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि दरगाह के खातों में इतनी बड़ी राशि उपलब्ध होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं में अपेक्षित सुधार क्यों नहीं दिखाई दे रहा है।

उर्स मेले के दौरान विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए टेंडर किए जाने की बात सामने आती रही है। ऐसे में सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आने पर संबंधित कार्यों की गुणवत्ता, टेंडर की शर्तों और भुगतान प्रक्रिया की समीक्षा की आवश्यकता बताई जा रही है।

आरटीआई में 60 बकायादारों पर करीब सात करोड़ रुपये बकाया होने की जानकारी भी सामने आई है। इसको लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि लंबे समय से बकाया राशि की वसूली के लिए क्या कार्रवाई की गई, कितनी रकम वसूल हुई और कितना बकाया अभी शेष है।

आरटीआई कार्यकर्ता प्रियांशु कांबोज ने दरगाह की आय-व्यय और बकाया धनराशि को लेकर पारदर्शिता तथा जायरीनों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। हालांकि आरटीआई के जवाब में खातों में जमा राशि का आंकड़ा उपलब्ध कराया गया है, लेकिन इस राशि के उपयोग और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों पर दरगाह कार्यालय की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।