

रुड़की। नगर में आयोजित सप्तदिवसीय श्री महाशिवपुराण कथा के तीसरे दिन भी श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर कथा का श्रवण किया और भक्ति में लीन होकर आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया।
कथा व्यास पं जगदीश पैन्यूली जी कहा कि हमें अपने जीवन में भगवान शिव को समर्पित कर देना चाहिए। भगवान शिव को समर्पण करने से सब मंगलमय हो जाता है। उन्होंने बताया कि जीवन ईश्वर की अमानत है, इसलिए सन्मार्ग पर चलना और बुराइयों से बचना चाहिए। मनुष्य को मन, वचन और कर्म से निर्मल और सत्य रहना चाहिए। सत्य के मार्ग पर चलने से मनुष्य मोक्ष की ओर बढ़ता है। उन्होंने बताया कि भगवान शिव हमारे परमपिता और आदि देव हैं, जो सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि शिव पुराण कथा का श्रवण करने से मनुष्य सभी पापों से मुक्त हो जाता है।
कथा के दौरान भजन, मंत्रोच्चार एवं भगवान शिव के जयकारों से पूरा कथा पंडाल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक कथा का आनंद लिया और भगवान शिव के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की। कथा स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुख्य यजमान परिवार की ओर से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गईं।

धार्मिक अनुष्ठानों को विधि-विधान से संपन्न कराने में आचार्य अनुज नौटियाल, दिनेश सेमवाल, प्रकाश नौटियाल, देवेश सहित अन्य आचार्यों का विशेष सहयोग रहा। आयोजन में मुख्य यजमान सपना सैनी, हर्ष सैनी, राशि सैनी और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
आयोजन को सफल बनाने में श्रीमती कमला बमोला, भावना देवी, संतोषी माता कीर्तन मंडली, खाटू श्याम कीर्तन मंडली, सुनीता चौधरी, शालू शर्मा, सुनील भटनागर, डॉ. संजय, नीलम सिंह, अमर देवी रावत, कुसुम सुंदरियाल, श्रीमती शशिकांत शर्मा, पूनम शर्मा, अनंत शर्मा, खुशी जोशी एवं निर्मला जोशी सहित सभी सहयोगियों का योगदान बना हुआ है।
आयोजको ने नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं से आगामी कथा दिवसों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भगवान शिव की कथा का श्रवण करने और पुण्य लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।
