

देहरादून देहरादून एयरपोर्ट पर आवश्यक सुविधाएं विकसित कर हब एंड स्पोक मॉडल लागू किए जाने पर यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का लाभ मिल सकता है। इस व्यवस्था के तहत दून एयरपोर्ट को दिल्ली जैसे बड़े केंद्रीय हवाई अड्डे से जोड़ा जाएगा, जहां से यात्री आसानी से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यात्रा कर सकेंगे।
देहरादून एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिलाने के प्रयास लंबे समय से जारी हैं, लेकिन रनवे विस्तार सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। वर्तमान में एयरपोर्ट का रनवे लगभग 2140 मीटर लंबा है, जबकि बड़ी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए करीब 3000 मीटर लंबे रनवे की आवश्यकता होती है। इसके लिए थानो वन रेंज की भूमि की जरूरत है, जिसका प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास लंबित है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन और कस्टम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराकर हब एंड स्पोक मॉडल के जरिए बिना बड़े निवेश के अंतरराष्ट्रीय यात्रा की सुविधा दी जा सकती है। इस मॉडल में यात्री दून से दिल्ली जैसे हब एयरपोर्ट तक पहुंचेंगे और वहीं से अंतरराष्ट्रीय उड़ान भरेंगे। देश में इस व्यवस्था की शुरुआत 25 जून से वाराणसी एयरपोर्ट से की जा चुकी है।
