वित्त मंत्री निर्मला सीता रमन ने बजट के दौरान प्रधान मंत्री मुद्रा लोन की सीमा 10 लाख से बढ़ा कर 20 लाख करने की घोषणा की है। इस घोषणा से छोटे कारोबारियों को काफी लाभ होगा। यह मोदी सरकार की फ्लेगशिप स्कीम है। इसे 8 अप्रैल 2015 को लांच किया गया था इस योजना के तहत अब तक कुल 26,21,347.07 बांटे जा चुके हैं। इस योजना की शुरुआत योजना की शुरआत गैर-कारपोरेट, गैर-कृषि छोटे/सूक्ष्म उद्यमों को ₹10 लाख तक के ऋण प्रदान करने के लिए की गई थी । इन ऋणों को पीएमएमवाई के तहत मुद्रा ऋण के रूप में वर्गीकृत किया गया है। ये ऋण वाणिज्यिक बैंकों, आरआरबी, छोटे वित्त बैंकों, एमएफआई और एनबीएफसी द्वारा दिए जाते हैं।योजना के तहत तीन उत्पादों ‘शिशु’, ‘किशोर’ और ‘तरुण’ उत्पादों के तहत कर्ज दिए जाते हैं।
मुद्रा योजना के तहत अब तक बांटे गए कर्ज
- 2015-2016: ₹ 1,32,954.73 करोड़
- 2016-2017: ₹ 1,75,312.13 करोड़
- 2017-2018: ₹ 2,46,437.40 करोड़
- 2018-2019: ₹ 3,11,811.38 करोड़
- 2019-2020: ₹ 3,29,715.03 करोड़
- 2020-2021: ₹ 3,11,754.47 करोड़
- 2021-2022: ₹ 3,31,402.20 करोड़
- 2022-2023: ₹ 4,50,423.66 करोड़
- 2023-2024: ₹ 5,32,358.35 करोड़
- 2024-2025: ₹ 99,177.72 करोड़
NEWS SOURCE Credit : punjabkesari