एआई तकनीक से मानव-वन्यजीव संघर्ष पर लगाम, कालागढ़ टाइगर रिजर्व में नई पहल

Dehradun: मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए कालागढ़ टाइगर रिजर्व प्रभाग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित चेतावनी प्रणाली कारगर साबित हो रही है। इस आधुनिक तकनीक की मदद से जंगल से बाहर आने वाले खतरनाक वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और समय रहते अलर्ट जारी किया जा रहा है।

कार्बेट टाइगर रिजर्व के अधीन इस प्रभाग में लगाए गए इंफ्रारेड कैमरे वन्यजीवों की तस्वीरें कैद करते हैं। इसके बाद एआई तकनीक के जरिए इन तस्वीरों का विश्लेषण किया जाता है और केवल उन जानवरों—जैसे बाघ, तेंदुआ, हाथी और भालू—के मूवमेंट पर अलर्ट भेजा जाता है, जो इंसानों के लिए खतरा बन सकते हैं।

डीएफओ तरुण एस के अनुसार, करीब एक महीने पहले शुरू की गई इस प्रणाली से अब तक 10 से अधिक अलर्ट जारी हो चुके हैं। उदाहरण के तौर पर, हाथियों के झुंड और तेंदुए की गतिविधियों का पता चलते ही वन विभाग की टीम को तुरंत सूचना मिली, जिससे समय रहते एहतियाती कदम उठाए जा सके।

इस चेतावनी प्रणाली को सौर ऊर्जा से संचालित किया गया है, जिससे उपकरणों को लगातार बिजली मिलती रहती है। साथ ही, डेटा ट्रांसमिशन के लिए नेटवर्क की व्यवस्था भी की गई है। ये कैमरे करीब 50 मीटर की दूरी तक की गतिविधियों को कैद करने में सक्षम हैं।

पहले चरण में नौ स्थानों पर इन एआई आधारित कैमरों को स्थापित किया गया है। इन जगहों का चयन वन्यजीवों की आवाजाही के पैटर्न और नेटवर्क उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

यह पहल न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी राहत का कारण बनेगी।