

भोगपुर। क्षेत्र में हाथियों के झुंड ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीती रात हाथियों ने भोगपुर गांव के आसपास खेतों में घुसकर गेहूं, गन्ना और सरसों की लगभग 20 बीघा फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। लगातार हो रहे इस नुकसान से किसानों में दहशत और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, पिछले करीब एक महीने से हाथियों का झुंड लगातार खेतों में घुसकर फसलों को नष्ट कर रहा है। ये हाथी चारे की तलाश में रात के समय नीलधारा गंगा पार जंगल से निकलकर गांव के आसपास पहुंच जाते हैं। रात करीब 10 से 11 बजे के बीच खेतों में प्रवेश करने के बाद ये पूरी रात फसलों को खाते और पैरों से कुचलते रहते हैं। सुबह होते ही झुंड गंगा तटबंध के रास्ते वापस जंगल की ओर लौट जाता है।
किसानों का कहना है कि खेतों की सुरक्षा के लिए नीलधारा गंगा तटबंध पर लगाई गई सोलर लाइन पिछले दो वर्षों से खराब पड़ी है। कई बार शिकायत करने के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। किसानों का आरोप है कि विभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
किसान बालकृष्ण ने बताया कि हाथियों के झुंड लगातार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है। वहीं किसान अजीत सिंह ने कहा कि किसान पूरी तरह खेती पर निर्भर होता है, और यदि फसल ही बर्बाद हो जाए तो उसके सामने भूखमरी की स्थिति पैदा हो सकती है।
ग्रामीण स्वराज सैनी ने आरोप लगाया कि वन विभाग के अधिकारी रात्रि में फोन तक नहीं उठाते हैं, जबकि हाथियों का खतरा अब आबादी तक पहुंचने लगा है। इससे लोगों की जान का भी खतरा बढ़ गया है।
किसान प्रदीप कुमार ने बताया कि कई बार मांग करने के बावजूद न तो सोलर लाइन ठीक की जा रही है और न ही जंगली जानवरों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने और फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि किसानों को इस संकट से राहत मिल सके।
