

सीएम धामी के बयान से अटकलों पर लगा विराम, बोले— सरकार के पास समय से पहले चुनाव की कोई आधिकारिक सूचना नहीं
देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव समय से पहले कराए जाने की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि राज्य सरकार के पास वर्ष 2027 से पहले चुनाव कराने संबंधी कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी किसी तैयारी की जानकारी भी सरकार को नहीं है। चुनाव कब होंगे, इसका निर्णय केवल भारत निर्वाचन आयोग करेगा।
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज थी कि विधानसभा चुनाव नवंबर या दिसंबर 2026 में कराए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री के बयान के बाद इन अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है।
क्या हैं चुनाव की अटकलों की वजहें? (बॉक्स आइटम)
- भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के लगातार उत्तराखंड दौरे।
- राजनीतिक और संगठनात्मक बैठकों में तेजी।
- मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (SIR)।
- जनवरी 2027 में प्रस्तावित हरिद्वार महाकुंभ।
- महाकुंभ के बाद संभावित जनगणना को लेकर चर्चाएं।
मुख्य बातें (Highlights)
- ✔️ मुख्यमंत्री ने समय से पहले चुनाव की खबरों का किया खंडन।
- ✔️ सरकार के पास ऐसी कोई आधिकारिक सूचना नहीं।
- ✔️ चुनाव कार्यक्रम तय करना भारत निर्वाचन आयोग का अधिकार।
- ✔️ उत्तराखंड विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 23 मार्च 2027 तक।
- ✔️ फिलहाल 2026 में चुनाव होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं।
क्या कहते हैं राजनीतिक जानकार?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ी हुई राजनीतिक गतिविधियों और संगठनात्मक तैयारियों के कारण चुनाव समय से पहले होने की अटकलें तेज हुईं। हालांकि मुख्यमंत्री के बयान के बाद स्पष्ट हो गया है कि जब तक निर्वाचन आयोग कोई आधिकारिक घोषणा नहीं करता, तब तक समय से पहले चुनाव की चर्चाओं को केवल अटकलें ही माना जाएगा।
