

देहरादून, संवाददाता। प्रदेश की मलिन बस्तियों और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाले 114 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद नहीं होंगे। एक अगस्त से इनका संचालन अस्थायी रूप से संबंधित नगर निकायों के माध्यम से किया जाएगा, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रह सकें।
शहरी विकास निदेशक विनोद गोस्वामी ने ब्रेथवेट कंपनी के पदाधिकारियों को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि 29 मई को अनुबंध समाप्त होने के बाद कंपनी केवल 17 जुलाई तक ही आरोग्य मंदिरों का संचालन कर सकती थी। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शहरी विकास विभाग ने ब्रिज, रोपवे, टनल एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (ब्रिडकुल) को कार्यदायी संस्था नामित करते हुए 79 करोड़ रुपये का बजट शहरी निकायों को जारी कर दिया है।
फिलहाल ब्रिडकुल और शहरी विकास निदेशालय के बीच एमओयू की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। निदेशक ने ब्रेथवेट कंपनी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 31 जुलाई के बाद वह किसी भी आरोग्य मंदिर का संचालन नहीं कर सकती। इस अवधि में संबंधित नगर निकाय अपने स्तर पर इन केंद्रों का संचालन करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर किसी उपयुक्त संस्था का चयन भी कर सकेंगे।
ब्रिडकुल के महाप्रबंधक कमल सैनी ने बताया कि शहरी विकास निदेशालय के साथ एमओयू की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके पूरा होते ही आरोग्य मंदिरों के नियमित संचालन की आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
