देहरादून-पांवटा साहिब हाईवे पर लापरवाही भारी, 10 दिन में 8 हादसे; प्रबंधक पर केस दर्ज

देहरादून।
देहरादून-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा इंतजामों की भारी कमी अब जानलेवा साबित हो रही है। साइन बोर्ड, चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर और लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं न होने के कारण पिछले 10 दिनों में 8 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 3 लोगों की मौत और 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

पुलिस के अनुसार यह नया निर्मित मार्ग एक वन-वे (एकतरफा) सड़क है, जिसे पांवटा साहिब से आने वाले वाहनों के लिए तैयार किया गया है। लेकिन मार्ग पर स्पष्ट संकेतक और चेतावनी बोर्ड न होने के कारण प्रेमनगर चौक से गोल चौराहे की ओर जाने वाले वाहन गलत दिशा में इसी मार्ग पर चढ़ जाते हैं। चालकों को यह अहसास ही नहीं होता कि वे गलत दिशा में वाहन चला रहे हैं।

करीब चार किलोमीटर आगे जाकर गोल चौराहे के पास वाहन नीचे उतर पाते हैं, जिससे आमने-सामने टक्कर की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
8 अप्रैल को दो वाहनों की जोरदार भिड़ंत में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जबकि 10 अप्रैल को हुए हादसे में एक युवक की मौत हो गई। इसके बाद भी कई दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

पुलिस की कार्रवाई
प्रेमनगर थानाध्यक्ष नरेश राठौर ने बताया कि एनएच के संचालन प्रबंधक को कई बार नोटिस जारी कर खामियां दूर करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया। इसके बाद पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए संचालन प्रबंधक लोकेश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने बढ़ते हादसों को देखते हुए संबंधित अधिकारी को मौके पर ले जाकर भी स्थिति दिखाई थी और तुरंत सुधार के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद लापरवाही जारी रही।

सुरक्षा पर सवाल
लगातार हो रहे हादसों ने हाईवे निर्माण और प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने भी जल्द से जल्द साइन बोर्ड, लाइट और सुरक्षा संकेतक लगाने की मांग की है, ताकि आगे और जान-माल का नुकसान न हो।