
ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तोता घाटी के पास शुक्रवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। कर्णप्रयाग से हरिद्वार जा रही गढ़वाल मोटर ओनर्स यूनियन (GMOU) की एक बस के अचानक ब्रेक फेल हो गए, जिससे बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। चालक की सूझबूझ और साहसिक निर्णय के कारण 39 यात्रियों की जान बच सकी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कर्णप्रयाग के सुंदर गांव निवासी बस चालक जयंती प्रसाद (पुत्र भगवती प्रसाद) ने बताया कि तोता घाटी की तीव्र ढलान पर अचानक बस के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। उन्होंने बस की रफ्तार कम करने के लिए कई बार सड़क किनारे पड़ी मिट्टी और पत्थरों पर टायर चढ़ाकर वाहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन ढलान अधिक होने के कारण बस नियंत्रित नहीं हो सकी।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चालक ने बस को गहरी खाई में गिरने से बचाने के लिए सड़क किनारे लगे सुरक्षा पिलरों से टकरा दिया। पिलर से टकराने के बाद बस रुक गई और एक बड़ा हादसा टल गया। यदि बस पिलर से न टकराती, तो वह अनियंत्रित होकर खाई में गिर सकती थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। बछेलीखाल चौकी प्रभारी दीपक लिंगवाल ने बताया कि टक्कर के कारण बस में सवार पांच यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ऋषिकेश भेज दिया गया है। अन्य सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें वैकल्पिक वाहनों से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
गौरतलब है कि तोता घाटी क्षेत्र पूर्व में भी दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वाहन की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है।
